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Saturday, 1 February 2014

पूज्य बापूजी निर्दोष है (Pujya Asaram Bapuji Is Innocent ) -27




संत श्री आशारामजी बापू को नही जानने वालो के लिए !!!

१ . ये वही संत है  जिन्होने वर्ल्ड रिलीजियस पार्लियामेंट, शिकागो (१९९३) में  भारत का नेतृत्व किया था ।

२.ये वही संत है  जिसने गुजरात के भुज- कच्छ, छत्तीसगढ़ , महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश में हजारों हिन्दू से धर्मांतरित ईसाईयों को पुन्ह हिन्दू बनाया ।

३. ये वही संत है जिसके प्रेरणा से १८००० बालसंस्कार केंद्र विश्व के कोने-कोने में चलाये जा  रहे हे ।

४. ये वही संत है जिनकी प्रेरणा से विभिन्न राज्यों में बड़ी-बड़ी गौशालाओं का संचालन हो रहा है, जिनमें कत्लखाने ले जाने से रोकी गयीं हजारों गायों की सेवा की जा रही है।

और भी कई सामाजिक दैवी कार्य किये है देश धर्म के लिए ,,,, कहा तक लिखा जाये बस समझाने वालो के लिए इशारा ही काफी है और विस्तार से जानने के लिए आप इस वेबसाइट www.ashram.org पर जाके पूरी सच्चाई जान पढ़ देख समझ सकते है ।





पूज्य बापूजी निर्दोष है (Pujya Asaram Bapuji Is Innocent ) -26



कुप्रचार के समय साथ ही साथ सुप्रचार होता है तो कुप्रचार का इतना प्रभाव नहीं हो सकता । शिष्य अगर निष्क्रिय रहकर सोचते रह जायें कि जो करेगा सो भरेगा...भगवान उनका नाश करेंगे..'तो कुप्रचार करने वालों को खुल्ला मैदान मिल जाता है।

जिन संतों के पीछे सजग समाज होता है उन संतों के पीछे उठने वाले कुप्रचार के तूफ़ान समय पाकर शांत हो जाते हैं और उनकी सत्प्रवृत्तियाँ प्रकाशमान हो उठती हैं ।

उदासीन और पलायनवादी मानसिकता का त्याग कर उत्साह और तत्परता क साथ अपने शिष्य धर्म में लग जाये ।

कुप्रचार करने वाले कुछ सौ है और बकवास करने वाले कुछ हज़ार, लेकिन सुप्रचार करने वाले करोडो है ।




पूज्य बापूजी निर्दोष है (Pujya Asaram Bapuji Is Innocent ) -25



कितना घिनौना दुष्प्रचार ! कितनी घिनौनी राजनीति !

दुष्कर्म नहीं हुआ और यह बात लड़की स्वयं बोलती है, उसकी मेडिकल रिपोर्ट भी बोलती है । मुँह दबाया हो ऐसी कहीं कोई खरोंच भी लैबोरेटरी रिपोर्ट में नहीं पायी गयी । फिर भी ‘दुष्कर्म है, दुष्कर्म है…’ – ऐसा मीडिया का दुष्प्रचार कितना घिनौना है !

कारण स्पष्ट है कि हमारे देश में न्यायालय के समकक्ष मीडिया द्वारा ट्रायल चलाया जा रहा है, जिसमें मीडिया खुद ही जाँच अधिकारी व न्यायाधीश बनकर फैसला सुना रहा है ।